वैज्ञानिकों ने उगाये चन्द्रमा की मिटटी में पौधे.

वैज्ञानिकों ने पहली बार चंद्रमा की मिट्टी में सफलतापूर्वक पौधे उगाए हैं। यह चंद्र मिट्टी, जिसे रेगोलिथ भी कहा जाता है, को अपोलो-युग के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा चंद्रमा से पृथ्वी पर लाया गया था।

चांद पर जीवन सक्रिय करने के लिए बहुत सी रिसर्च होती रहती है और भविष्य में भी कई सारे मिशन होते रहेंगे।
अंतरिक्ष यात्रियों के लंबे समय के लिए चंद्रमा पर जीवित रहने के लिए तथा उनके भोजन प्राप्त करने के लिए चांद की मिट्टी पर फसल उगाना बहुत ही जरुरी है जिसके लिए नासा के वैज्ञानिकों के द्वारा एक छोटा सा कदम उठाया गया था चांद की मिट्टी पर पौधे उगने का, जिसमे उन्हे सफलता भी मिली है। इससे यह संभव हो सका है कि कुछ क्रतिम प्रयासों से चांद की धरती पर भी खेती की जा सकती है।

अपोलो मिशन के दौरान लाई गई थी चंद्र मिट्टी

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के अपोलो 11, 12 और 17 मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्री कुल मिलाकर 382 किलोग्राम मिट्टी चांद से धरती पर लाई गई थी। नासा ने उन पत्थरों को वैज्ञानिकों में बांट दिया।

कम्यूनिकेशंस बायोलॉजी जर्नल में एक स्टडी के तौर पर बताया गया है कि चांद की मिट्टी में पहली बार फूल वाले पौधों को उगाया गया है। चांद की मिट्टी पूर्ण रूप से उपजाऊ भी थी जिससे इस मिट्टी में धरती के पानी और हवा को मिलया गया था। फिर इसमें पौधो को लगाया गया था।

रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों को मिली थी सिर्फ 12 ग्राम चन्द्र मिट्टी

यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा में प्रोफेसर एना-लिसा पॉल ने कहा उन्हे और प्रोफेसर रॉबर्ट फर्ल को सिर्फ 12 ग्राम चांद की मिट्टी मिली थी उन्हें अपोलो-11, 12 और 17 के मिशन से लाई गई मिट्टी मिली थी। लेकिन इतनी कम मात्रा में मिली मिट्टी में फसल उगाना बेहद मुश्किल काम था। लेकिन 11 साल से लगातार प्रयोग करने के बाद पॉल और फर्ल ने यह सफलता हासिल की है। इस सफलता से अब इस बात की उम्‍मीद बढ़ गई है कि भविष्‍य में अंतरिक्ष मिशन के दौरान पौधे चंद्रमा की सतह पर पैदा हो सकते हैं।

पॉल ने कहा कि पहले भी चांद की मिट्टी में पौधे उगाए गए हैं. लेकिन वो इस तरह से नहीं उगाए गए. चांद की मिट्टी में किसी तरह के पैथोजेन नहीं होते. अन्य ऐसे पदार्थ नहीं होते। जो जमीनी जीवों और पौधों को नुकसान पहुंचाएं और पहले जो पौधे उगाए गए थे उनमें चांद की मिट्टी सिर्फ छिड़की गई थी। इस बार सिर्फ चांद की मिट्टी में ही पौधे उगाए गए ।

क्या चाँद की मिट्टी पर उगाई जा सकती हैं सब्जियां?

जी बिल्कुल चांद की जमीन पर फसल उगाई तो जा सकती है लेकिन अपनी पृथ्वी की तरह आसान नहीं है चांद पर सब्जी उगाना। इसके लिए एक प्रकार का कृत्रिम वातावरण तैयार करना होता है क्योंकि चांद की जमीन पर पर पृथ्वी की जमीन के जैसे भरपूर मात्रा मे ना तो पोषक तत्व है ना अधिक ही मात्रा में वायु।

किस प्रकार उगाया गया पौधा? और कौन सा?

चाँद पर पाई जानें वाली मिट्टी में शोधकर्ताओं ने पौध उगाने के लिए 4 प्लेटों का इस्तेमाल किया और इन प्लेटो में कुछ पोषक तत्वों को पानी में मिला दिया गया था, जो पोषक तत्त्व चाँद की मिट्टी में नहीं पाए जाते हैं। फिर इस मिट्टी में आर्बिडोप्सिस (थाल क्रेस) के बीजों को मिलाया गया और कुछ दिनों के बाद ही इन बीजों से छोटे-छोटे अंकुर निकल आए।

आखिर क्यों चुना क्रेस (अरबीडोप्सिस) का पौधा?

शोधकर्ताओं ने बताया कि उन्हे रिसर्च के किए बहुत ही कम मात्रा में मिट्टी मिली थी जिसके लिए उन्होंने थाल क्रेस (अरबीडोप्सिस थालियाना) का उपयोग करना चुना क्योंकि इसका आनुवंशिक कोड पहले ही पूरी तरह से मैप किया जा चुका है।

हालांकि चंद्र मिट्टी पौधों के अंकुरण में शामिल हार्मोन और संकेतों को बाधित नहीं करती है। लेकिन टीम ने चंद्र मिट्टी में उगाए गए पौधों और नियंत्रण मिट्टी में उगाए गए पौधों के बीच अंतर देखा जिसके नतीजे अनुसार पता चला कि चंद्र मिट्टी में उगाए गए कुछ पौधे छोटे थे जबकि अन्य धीरे-धीरे बढ़ते थे या आकार में काफी अलग थे।

नासा का यह अपोलो मिसन एक और महत्वपूर्ण कदम है कि चंद्रमा पर लंबे समय तक रहना संभव है!यानी चांद पर खेती संभव है।

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