Bamboo Business ideas for 2022 : बांस से बनी वस्तुओं का व्यापार।

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बांस का उपयोग बहुत सारे उत्पाद बनाने में किया जा सकता है। यह हमारे ग्रह का एक ऐसा पेड़ है जिससे लगभग रोजाना इस्तेमाल की सभी वस्तुए बनायीं जा सकती है। सुबह दांत साफ़ करने वाले टूथब्रश से लेकर रात को सोने के बिस्तर तक इस्तेमाल होने वाली वस्तुए इससे बनायीं जा सकती हैं। आइये जानते हैं बांस से बनने वाली वस्तुओ से आप एक सफल व्यापार कैसे बना सकते हैं ।

Bamboo Business Ideas क्या हैं ?

बांस हमारे ग्रह का एक ऐसा पेड़ होता है जिससे हमारे जीवनोपयोगी लगभग सभी सामान बनाये जा सकते हैं।अगर आपके पास जमीन का एक बड़ा भाग है तो आप बांस की खेती करके भी पैसे कमा सकते है। बांस से बनायीं गयी वस्तुओं को बनाकर उनको बाज़ार में बेचना या बांस के पेड़ की खेती कर के उनको बाज़ार में बेचना ही Bamboo Business ideas है।

बांस की खेती कैसे होती है ?

बांस की खेती करने के लिए आपके पास जमीन है तो बहुत अच्छा है। इसे उगाने के लिए किसी उपजाऊ जमीन की आवश्यकता नहीं होती है। भारत बांस की खेती के लिए पूरे विश्व में दूसरे स्थान पर आता है। आमतौर पर बांस को उगाने में 2 से 3 साल लगता है। किसान अगर बांस की खेती करता है तो तीसरे साल में बांस की कटाई कर लेता है।

बांस के पौधों को बांस के बीजो द्वारा उगाया जाता है जिसे अंकुरित होने में अधिक समय लग जाता है इसलिए ये काम सामान्यतः नर्सरी में ही किया जाता है जहाँ बांस के बीजों को अंकुरित होने में लगभग 3 साल तक का समय लग जाता हैl इसलिए किसान आमतौर पर बांस के तनों द्वारा ही बांस की उपज करते हैं.

एक बार अच्छी तरह से अंकुरित होने के बाद लगभग 2 महीनो तक बांस बिना किसी रुकावट के बहुत तेज़ी से बढ़ता है. यह प्रति घंटे दो इंच तक बढ़ सकता है और एक बांस के पेड़ की औसत ऊचाई लगभग 18 से 30 फुट तक हो सकती है. यह 3 से 5 वर्षों में परिपक्व हो जाता है, जिससे बाज़ार में इसकी निरंतर आपूर्ति होती रहती है.

बांस से बने उत्पादों का व्यवसाय

हमारी रोजाना की जीवनशैली में बांस से लगभग सभी उत्पाद बनाये जा सकते हैं जैसे- कपडे, बर्तन, कागज, बिस्तर, फर्नीचर आदि और हम इन सभी उत्पादों के साथ बांस का व्यापर कर सकते हैं  इस लेख में आगे आपको बांस से जुड़े कुछ उत्पादों के बारें में बताया गया है जिनका आपका व्यवसाय कर सकते हैं.

बांस से बने कपड़ो का व्यापार

बांस से बने कपड़ों को बनाने के लिए एक खास किस्म के बांस का उपयोग किया जाता है जिसमे लचीलापन बहुत अधिक होता है. सबसे पहले बांस से बांस का पल्प बनाते हैं फिर इस पल्प का उपयोग फाइबर बनानें में किया जाता है जिससे फैब्रिक बनता है. फिर इसी फैब्रिक से  कपड़े, अंडरवियर, मोजे, कंबल, तौलिये, बुलेट प्रूफ बनियान, चादरें, गद्दे, डायपर, तकिए आदि जैसी चीजों का निर्माण करके इसे बाज़ारों में बेचा जा सकता है।

बांस से बने फर्नीचर का व्यापार

बांस को कई तरह के अनुप्रयोगों में इस्तेमाल किया जा सकता है इससे कई तरह के फर्नीचर बनाए जा सकते है जैसे – सोफ़ा, कुर्सियां, मेज, बुकसेल्स, अलमारियां, दरवाजे, बेड, सीढ़ी आदि। चूंकि बांस बहुत ही मजबूत और टिकाऊ प्रकृति का होता है इसलिए इसे बनाए जाने वाले फर्नीचर भी टिकाऊ और मजबूत होते है जो रोजमार्रा के तौर पर आसानी से उपयोग किए जा सकते है तथा यह अन्य लकड़ियों के मुकाबले लंबे समय तक चलते हैं।

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बांस के अपने गुणों के कारण यह मौसम परिवर्तन में भी किसी तरह से फैलता या सिकुड़ता नही है। साथ ही साथ बांस की लकड़ियों से बनाए गए फर्नीचर दिखने में भी काफी सुंदर और आधुनिक लगते है जिनका उपयोग घर, ऑफिस, रेस्टोरेंट, होटल या अन्य जगहों पर किया जा सकता है। इंटीरियर डेकोरेशन के तौर पर भी बांस से बनी वस्तुओ का उपयोग किया जाता है क्योंकि इससे बनी वस्तुएं काफी सुंदर और आधुनिक दिखती हैं।

आजकल लकड़ी से बनी वस्तुओं का चलन प्रचलित है जिसे लोग काफी ज्यादा पसंद करते हैं। बांस से बने फर्नीचर काफी हल्के होते हैं जिन्हें आसानी से इधर उधर ले जाया जा सकते हैं। साथ ही साथ बांस के द्वारा फर्नीचर बनाकर आप इसका व्यवसाय बहुत ही छोटे पैमाने पर भी शुरू कर सकते है जो आपके लिए काफी लाभजनक भी हो सकता है।

आप किसी ऐसे नजदीकी क्षेत्र (जहां बांस की खेती की जाती हो) से कच्चा माल (बांस की लकड़ियां) खरीदकर उससे बने फर्नीचर को मार्केट में बेच कर बांस के फर्नीचर का व्यवसाय आसानी से कर सकते हैं।

बांस से बने कागज का व्यवसाय

कागज के उद्योग में बांस बहुत ही ज्यादा विख्यात है। सैकड़ों वर्षों से बांस से कागज बनाया जाता रहा है। बांस का गूदा (बैम्बू पल्प) एक तरह का पेपर पल्प होता है जैसे – लकड़ी का गूदा या ईख का गूदा। यह सल्फेट पाचन प्रक्रिया और सोडा प्रक्रिया के साथ मोसो बांस, फाइलोस्टैचिस प्यूब्सेंस और साइनोकैलेमस एफिनिसेट से बनाया गया है। इसी पल्प से कागज बनाया जाता है।

“लुगदी और कागज” उद्योग का एक बड़ा और बढ़ता हुआ भाग है तथा दिन प्रतिदिन कागज की मांग में वृद्धि हो रही है। भारत कई प्रकार के कागज़ों का उत्पादन करता है, जैसे – किताबों की प्रिंटिंग के लिए कागज, पैकेजिंग कागज, लेखन कागज और कुछ विशेष कागज। प्रिंटिंग और राइटिंग पेपर की किस्में क्रीम वोव पेपर हैं। अलग अलग उद्योगों में अलग अलग तरह के कागजों का उपयोग होता है जो कुछ इस प्रकार है।

न्यूज़प्रिंट: न्यूज़प्रिंट समाचार पत्र और पत्रिका उद्योग में कार्य करता है।

लेखन और मुद्रण कागज: मुद्रण और लेखन खंड कार्यालय स्टेशनरी, पाठ्यपुस्तकों, कपलर पेपर, नोटबुक आदि को पूरा करता है।

पैकेजिंग बोर्ड: पैकेजिंग पेपर और बोर्ड सेगमेंट FMCG, फूड, फार्मा, टेक्सटाइल आदि पैकेजिंग उद्देश्यों को पूरा करता है।

कागज को खपत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है इसलिए आप बांस से बने कागज का वव्यापार करके तथा इन कागजों को किसी कंपनी में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते है।

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